Patrakaar.Balvinder Singh //Alwar 27 news
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कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांवा में दिनांक 12 जनवरी 2025 को डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स (DAESI) बैच–7 का उद्घाटन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुभाष चंद्र यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांवा द्वारा की गई। इस अवसर पर श्री मंगतू राम, अतिरिक्त निदेशक, कृषि विभाग, अलवर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. गोपाल लाल चौधरी, क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान, नौगांवा विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। साथ ही डॉ. राकेश कुमार जाट, डॉ. पूनम एवं डॉ. हंसराम माली की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने DAESI कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि आदान विक्रेता किसानों और वैज्ञानिक संस्थानों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि इनपुट डीलर्स वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होंगे तो वे किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक तथा कृषि तकनीकों की सही जानकारी देकर फसल उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. पूनम ने DAESI कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम कुल 48 सप्ताह का है, जिसमें 40 सप्ताह सैद्धांतिक प्रशिक्षण तथा 8 सप्ताह शैक्षणिक एवं प्रायोगिक भ्रमण शामिल हैं। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को विषयवार प्रायोगिक फाइल एवं रिकॉर्ड संधारित करना अनिवार्य होगा, जिससे उनका व्यावहारिक ज्ञान सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम में DAESI बैच–7 के कुल 40 प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. एच. आर. माली ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

