पत्रकार राधेश्याम गिरा की रिपोर्ट रामगढ़ से
//Alwar 27 news ////सच के साथ आपके साथ// 19 जनवरी 2026
रामगढ़ कस्बे में स्थित प्रदेश प्रसिद्ध श्री रामेश्वर धाम मंदिर के 41 फुट ऊंचा शिखर निर्माण पूरा होने के पश्चात 19 जनवरी सोमवार को सवा सात फुट ऊंचा पीतल का कलश स्थापित किया गया।
कलश स्थापना समारोह से पूर्व स्थापित किए जाने वाले कलश का नगर भ्रमण की शोभायात्रा निकल गई।
कलश स्थापना समारोह की व्यवस्था संभाल रहे श्याम जनकल्याण सेवा समिति एवं श्री श्याम सखा मंडल रामगढ़ द्वारा अध्यक्ष जवाहरलाल तनेजा व शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि श्यामेश्वर धाम मंदिर निर्माण के बाद शिखर निर्माण और उस पर स्थापित होने वाला कलश केवल श्याम भक्ति का ही नहीं सनातनधर्म और श्रद्धा भाव का प्रतीक है। 19 जनवरी सोमवार को महोत्सव में सर्व समाज के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर तन-मन से हिस्सा लिया जिससे कलश स्थापना समारोह सफल हुआ। सोमवार प्रातः सर्व प्रथम मंदिर प्रांगण में आस्था के प्रतीक इस कलश को बाग्गी में फूलों के साथ सजाया गया और कस्बे में गाजे बाजे के साथ डीजे पर भक्तीमय भजनों के साथ शोभायात्रा व ध्वज यात्रा निकाली गई। जो कि मंदिर प्रांगण से गुर्जर मोहल्ला,नायक मोहल्ला, भेरू मंदिर, सब्जी मंडी,चौपड़ बाजार, मैन बाजार, तहसील रंगमंच, बस स्टैंड, गुरुद्वारा मोड़ से कस्बे के मुख्य मार्गो से बहादुरपुर रोड होते हुए मंदिर वापस पहुंची। इस दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर थानाधिकारी डॉ.विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
इस अवसर पर शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत हुआ। तहसील रंगमंच पर पुरुषार्थ समाज द्वारा अल्पाहार सामग्री वितरित की गई। यात्रा में डीजे पर” क्यों घबराऊ मैं मेरा तो श्याम से नाता है…., नीले घोड़े के सवार, कलयुग के अवतारी आज, तीन बाण के धारी, मेरे प्रभु श्याम आये हैँ आदि मनमोहन भजनों पर श्रद्धालुओं ने भक्ति मय होकर जमकर नृत्य किया, अनेको महिलाओ और पुरुषो ने हाथों में ध्वज पताका लिए चल रहे थे।
शिखर के पत्थर पर की गई *हस्तकला भी आकर्षक, ड्रोन से हुई पुष्प वर्षा*
लाखों रुपए की लागत से श्यामेश्वर धाम पर 41 फुट ऊंचा शिखर करीब 4 महीने में बनकर तैयार हुआ । जिसकी विशेषता है कि शिखर कई किलोमीटर दूर से दिखाई देती है शिखर में उपयोग किए गए पत्थरों पर लिखावट और कलाकृति पूरी तरह हस्त निर्मित है इसमें किसी प्रकार की कृत्रिम सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। सिकंदरा के ठेकेदारों द्वारा बनाया गया यह शिखर हल्के गुलाबी रंग के विशेष पत्थर से निर्मित है।
शिखर स्थापना कार्यक्रम विधि विधान और पूजा अर्चना तिजारा पीठाधीश्वर चेतन्यमुनि, उदासीन मंगल आश्रम महंत बाबा ब्रह्म मुनि टोडली के सानिध्य में प्रारंभ की गई। कार्यक्रम में जय आहूजा, शिखर निर्माण में सहयोग देने वाले भामाशाह आदित्य कक्कड़, भामाशाह हरवीर गुर्जर और समीति सदस्यों सहित धर्म प्रेमियों ने पूजा में भाग लिया। इस अवसर पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई । श्री श्याम महिला मंडल की महिला श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मुहूर्त के समय विधिवत रूप से कलश को शिखर पर पहुंच कर विराजमान किया गया। इस अवसर पर श्याम बाबा के जयकारे हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा आदी जयकारों
से पूरा कस्बा गूंजाएमान हो गया ।
*अंत में भामाशाहों का किया सम्मान*
कलश स्थापना महोत्सव का अंत मंदिर प्रांगण में शिखर निर्माण में सहयोग देने वाले और कलश भेतकर्ता भामाशाह आदित्य कक्कड़ ,हरवीर गुर्जर भामाशाहों को बाबा श्याम की तस्वीर भेंट कर दुपट्टा औढा उत्सवर्धन करते हुए सम्मानित किया गया

