रामगढ़ पुलिस ने चोरी की बाइकों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस खुलासे में सामने आया है कि हजारों रुपए की बाइकें महज 6 हजार रुपये में बेची जा रही थीं और इनके मुख्य खरीदार शराब तस्कर थे।
नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा
रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया- रामगढ़ थानाधिकारी अजीत बड़सरा ने नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध युवकों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा। गहन पूछताछ में आरोपियों नेकई चौंकाने वाले राज खोले। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की 6 मोटरसाइकिलें, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और लगभग 15 लीटर कच्ची शराब बरामद की।
6 हजार रुपए में बेच रहे थे चोरी की बाइक
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रविंद्र सिंह (22) और मोनू सिंह उर्फ मोली (20) के रूप में हुई है। ये दोनों बाइक के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। कड़ी पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि सभी बरामद बाइकें चोरी की हैं। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे चोरी की बाइकों को चोर बाजार में मात्र 6 हजार रुपए में बेच देते थे, जिनके मुख्य खरीदार शराब तस्कर होते थे। इन बाइकों का उपयोग अवैध शराब की आपूर्ति के लिए किया जाता था।
बाजार में अधिक मांग होने वाली बाइकों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि यह चोर गिरोह उन बाइक मॉडलों को निशाना बनाता था, जिनकी बाजार में अधिक मांग होती है। चोरी के बाद, वे बाइकों के इंजन और चेसिस नंबर मिटा देते थे। कई बार उनके पुर्जे अलग-अलग करके बेचे जाते थे। आरोपी बैंक, मंदिर, सार्वजनिक स्थानों और यहां तक कि श्मशान घाटों से भी बाइक चोरी करते थे।
नेटवर्क को लेकर पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस को संदेह है कि यह पूरा नेटवर्क हरियाणा और राजस्थान में फैले किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस गिरोहके अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
रामगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को इलाके में बाइक चोरी के मामलों पर एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, यह खुलासा इस बात का भी संकेत देता है कि चोरी और तस्करी का यह नेटवर्क कितना गहरा और संगठित है।
रामगढ़ पुलिस ने बाइक चोरी नेटवर्क का किया भंडाफोड़: 6 हजार रुपए में शराब तस्कर खरीद रहे थे, ज्यादा मांग होने वाली बाइकों को बनाते थे निशाना

