नगरपालिका बनने के 30 माह बाद भी ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड नहीं सौंपा

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Alwar 27 news //सच के साथ आपके साथ //27/02/2026


नौगांवा को ग्राम पंचायत से नगरपालिका बन गई। नगरपालिका बने करीब 30 माह बीत गए।लेकिन 30 माह बीत जाने के बावजूद भी ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के द्वारा  ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड नगरपालिका प्रशासन को ना तो सौंपा गया। और ना ही नगरपालिका प्रशासन ने रिकॉर्ड लेने की कोशिश नहीं की।

आर टी ई से हुआ खुलासा

नौगांवा नगरपालिका का गठन 23 अगस्त 2023 को हुआ। नौगावा के एक जागरूक नागरिक ने ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यो को जानने के लिए आरटीई लगाई।
आरटीई के जवाब से कई चौकाने वाली सामने आई।

नौगावा निवासी राजेंद्र सैनी पुत्र गुररी सैनी ने पंचायत समिति रामगढ़ में 30 जुलाई 2025 को नौगांवा ग्राम पंचायत में वर्ष 2020 से 2024 के दौरान कृषि यंत्रो की खरीद संबधित योजना, बजट एवं अन्य जानकारी तथा वर्ष 2020 से 2024 तक के सम्पूर्ण कार्यो की गोश्वरा की नक़ल की सूचना प्राप्ति के लिए दो आवेदन किए गए। आवेदन शुल्क पोस्टल आर्डर 61एफ 822450 एवं 70एफ 062637 के माध्यम से जमा कराया गया।

पंचायत समिति ने अधिशाषी अधिकारी को सूचना देने की लिए किया निर्देशित

पंचायत समिति रामगढ़ के राज्य लोक सूचना अधिकारी एवं विकास अधिकारी के द्वारा पत्र चाही गई सूचना उपलब्ध करवाने के लिए क्रमांक 796 एवं 797 दिनांक 17 अगस्त 25 को जारी कर नौगावा नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उक्त सूचना ग्राम पंचायत नौगावा से संबंधित है। जिसका समस्त रिकार्ड  नौगांवा नगरपालिका में जमा है इसलिए आवेदनकर्ता को  सम्बंधित सूचना देवे।

दोनों पत्रों का जवाब एक जैसा, लेकिन देने में लगा 3 माह का समय

अधिशाषी अधिकारी को दोनों पत्रों के जवाब देने में तीन माह का समय लग गया लेकिन सबसे हैरानी की बात यह की जवाब एक जैसा लेकिन  जवाब देने में 3 माह लगे।
पत्र क्रमांक 797 के जवाब में अधिशाषी अधिकारी ने 27 नवंबर 2025 को जवाब देते हुए कहा की नौगांवा नगरपालिका का गठन 23 अगस्त 2023 को किया था लेकिन पूर्व ग्राम पंचायत के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी के द्वारा आज तक रिकॉर्ड नगर पालिका को हस्तांतरित नहीं किया गया इसीलिए किसी भी प्रकार की सूचना दिया जाना असंभव है।
वही पत्र क्रमांक 796 का जवाब करीब तीन माह बीत जाने के बाद 23 फरवरी 2026 को दिया गया और यही कारण बताया गया।

पंचायत समिति रामगढ़ के द्वारा दोनों पत्र एक ही दिनांक को जारी किए गए परंतु नगर पालिका के द्वारा दोनों पत्रों को जवाब देने में करीब 3 माह लग गए।

क्या इन तीन माह में भी नगर पालिका या पंचायत समिति के किसी भी अधिकारी ने ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड लेना मुनासिब नहीं समझा
या यू कहे कि ग्राम पंचायत में हुए घोटाले उजागर ना हो इसलिए जवाब देने में टालमटोल कि गई।

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