Patrakaar Balvinder Singh Alwar 27 news
// सच के साथ आपके साथ// 4 January 2026
नौगांवा कस्बे में शनिवार को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं महान समाज सुधारक माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती सामाजिक समरसता और जागरूकता के संदेश के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन सैनी समाज के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई
। वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान बताया गया कि माता सावित्रीबाई फुले ने विषम परिस्थितियों में भी महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया।
सैनी समाज के विजेंद्र सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि माता सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति की अग्रदूत थीं। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, विशेषकर युवाओं के लिए।
कार्यक्रम के दौरान नौगांवा कस्बे में प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे माता सावित्रीबाई फुले की विचारधारा को अपनाते हुए शिक्षा को अपने जीवन का मूल आधार बनाएं।
इस अवसर पर सैनी समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि वे समाज में शिक्षा, समानता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देंगे तथा आने वाली पीढ़ी को संस्कारवान और शिक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में मोतीलाल सैनी, बच्चू सैनी, विजेंद्र सैनी, महेश सैनी, सुंदर सैनी, शिवचरण सैनी, रिंकू सैनी, करण सैनी सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

